नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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  • दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 7

    रात…धीरे-धीरे बीत रही थी…एक तरफ…कबीर अपनी बेटी के पास बैठा था…और दूसरी तरफ…करण अ...

  • Devil की दास्तान - 46

    (सुबह का समय। खिड़की से हल्की धूप कमरे में फैल रही है। पर कमरे में शांति नहीं, ए...

  • Her Silent Secret - 21

    पार्टी पूरे जोश में चल रही थी। संगीत बज रहा था और ऑफिस के कर्मचारी डांस फ्लोर पर...

सौतेली माँ का साया (भाग 2) By Nisha Choudhary

समाज के ताने और नई परीक्षालेखक: निशा चौधरीअस्पताल से घर आने के बाद रोहन और सुनीता का रिश्ता पूरी तरह बदल चुका था। जिस घर में पहले सन्नाटा और नफरत की दीवार थी, अब वहाँ हँसी और प्यार...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 7 By Sonam Brijwasi

रात…धीरे-धीरे बीत रही थी…एक तरफ…कबीर अपनी बेटी के पास बैठा था…और दूसरी तरफ…करण अपने बेटे को सीने से लगाए हुए था…दोनों के दिल में…एक ही खालीपन था…श्रेया…सुबह की हल्की किरणें…खिड़की...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 7 By Leela nagetiya

आदित्य और रोहित मायरा के पीछे चल ही रहे थे.मायरा कहती है, चलो हम लोग आइसक्रीम खाते हैं।दोनों ने तुरंत राहत की सांस ली और कहा, ठीक है।मायरा पार्लर से तीन मजेदार आइसक्रीम लेकर आती है...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 3 Scene 3 By Azoorey

ऐवान-ए-सद्र में अकेले अपने ख़्यालों के साथ अम्मा साहब ऐवान-ए-सद्र के झरोखे से इक़ामतगाह की तरफ़ की चहल पहल देख रहीं थी। उनके मन की उलझन उनके चेहरे से ज़ाहिर हो रही थी जिसकी वजह से...

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Devil की दास्तान - 46 By Sonam Brijwasi

(सुबह का समय। खिड़की से हल्की धूप कमरे में फैल रही है। पर कमरे में शांति नहीं, एक बेचैनी है। सिया करवट बदल रही है। उसका चेहरा पसीने से भीगा हुआ है।)“कभी-कभी सपने वो बताते हैं जो हक...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 16 By RAAHULL SHARMA

वह दो कदम पीछे हट गया।सन्नाटे का खौफमोंटी और सृष्टि, जो अब तक मजे ले रहे थे, विक्की की यह हालत देखकर सुन्न रह गए। विक्की के माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगीं। उसे अच्छी तरह पता था...

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Her Silent Secret - 21 By Sonam Brijwasi

पार्टी पूरे जोश में चल रही थी। संगीत बज रहा था और ऑफिस के कर्मचारी डांस फ्लोर पर आकर मस्ती कर रहे थे।तभी विवान की नजर डांस फ्लोर पर गई। उसने तुरंत विराट का हाथ पकड़ लिया।विवान बोला...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 3) (अंतिम विस्तार) By Nisha Choudhary

रिया के कांपते हाथों ने जैसे ही उस पीले पड़ चुके कागज को खोला, उसकी आंखों के सामने मां के हाथ की वही गोल, साफ और सुंदर लिखावट तैरने लगी। खत के शब्द मानो कागज़ से निकलकर उसकी आत्मा...

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कुँवारी बिंदी - 1 By Prem Shankar

       -  लेखक: प्रेम शंकर️ लेखक का परिचय (Author Bio)प्रेम शंकर हिंदी साहित्य जगत में एक उभरते हुए और भावुक लेखक हैं। अपनी अनूठी सोच, जादुई कल्पनाशीलता और मानवीय संवेदनाओं को शब्द...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 1) By Nisha Choudhary

रात के 11 बज चुके थे। दिल्ली के एक छोटे से किराए के फ्लैट में लैपटॉप की नीली रोशनी के सामने बैठी रिया की उंगलियां कीबोर्ड पर लगातार चल रही थीं। ऑफिस की एक जरूरी प्रेजेंटेशन सुबह तक...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 71 - Session 1 The End By Sonam Brijwasi

कुछ दिनों बाद श्रेया और नवजात बच्ची को अस्पताल से घर ले आया गया…घर लौटते ही पूरा माहौल बदल गया था…जैसे घर में एक नई रौनक आ गई हो। अब घर में दो छोटे बच्चे थे शिवांश और उसकी नन्ही बह...

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प्रिंस घर का By MR DEVIL

प्रिंस घर कासारा काम करके ऑटो पकड़ के सिटी बैंक चला गया बैंक के बाहर लक्सरी गाडियां खड़ी थी । बैंक के अंदर सब लोगों ने हाई फाई शूट पहने थे देखने से वो लोग करोड़पति लग रहे थे । सिटी...

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बुढ़िया का संदूक By palak baisla

रामपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था। उसी गाँव के आखिरी छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में सावित्री नाम की एक बुढ़िया रहती थी। उसकी उम्र लगभग सत्तर साल थी। उसके पति का देहांत दस साल पहले ह...

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दो बेटियां By Nisha Choudhary

सूरज ढलने को था और रसोई से उठते धुएँ के बीच सरला जी चुपचाप खड़ी थीं। उनकी नज़र सामने वाले कमरे में बैठी अपनी बेटी रिया पर पड़ी। रिया अपने पति और बच्चों के साथ हँस-हँसकर बातें कर रह...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22 By Sonam Brijwasi

शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौटकर पूरा परिवार घर में दाखिल हुआ। सबसे आगे अर्जुन चौहान और गंगा जी थे। उनके पीछे ऋषभ और वर्षा, फिर प्रेम और काजल। सभी शाद...

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सौभाग्याची शपथ - भाग 3 By jayesh zomate

EPISODE 3   सौभाग्याची शपथ               माणसाचा भुतकाळ हा एका कोळ्याच्या जळमटासारखा असतो, कितीही विसरण्याचा प्रयत्न केला , किंवा नशीबातून कितीही साफ करायचं प्रयत्न केलं  तरी तो कध...

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सौतेली माँ का साया (भाग 2) By Nisha Choudhary

समाज के ताने और नई परीक्षालेखक: निशा चौधरीअस्पताल से घर आने के बाद रोहन और सुनीता का रिश्ता पूरी तरह बदल चुका था। जिस घर में पहले सन्नाटा और नफरत की दीवार थी, अब वहाँ हँसी और प्यार...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 7 By Sonam Brijwasi

रात…धीरे-धीरे बीत रही थी…एक तरफ…कबीर अपनी बेटी के पास बैठा था…और दूसरी तरफ…करण अपने बेटे को सीने से लगाए हुए था…दोनों के दिल में…एक ही खालीपन था…श्रेया…सुबह की हल्की किरणें…खिड़की...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 7 By Leela nagetiya

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 3 Scene 3 By Azoorey

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Devil की दास्तान - 46 By Sonam Brijwasi

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 16 By RAAHULL SHARMA

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पार्टी पूरे जोश में चल रही थी। संगीत बज रहा था और ऑफिस के कर्मचारी डांस फ्लोर पर आकर मस्ती कर रहे थे।तभी विवान की नजर डांस फ्लोर पर गई। उसने तुरंत विराट का हाथ पकड़ लिया।विवान बोला...

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माँ का वह अनकहा खत (भाग 3) (अंतिम विस्तार) By Nisha Choudhary

रिया के कांपते हाथों ने जैसे ही उस पीले पड़ चुके कागज को खोला, उसकी आंखों के सामने मां के हाथ की वही गोल, साफ और सुंदर लिखावट तैरने लगी। खत के शब्द मानो कागज़ से निकलकर उसकी आत्मा...

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कुँवारी बिंदी - 1 By Prem Shankar

       -  लेखक: प्रेम शंकर️ लेखक का परिचय (Author Bio)प्रेम शंकर हिंदी साहित्य जगत में एक उभरते हुए और भावुक लेखक हैं। अपनी अनूठी सोच, जादुई कल्पनाशीलता और मानवीय संवेदनाओं को शब्द...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22 By Sonam Brijwasi

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सौभाग्याची शपथ - भाग 3 By jayesh zomate

EPISODE 3   सौभाग्याची शपथ               माणसाचा भुतकाळ हा एका कोळ्याच्या जळमटासारखा असतो, कितीही विसरण्याचा प्रयत्न केला , किंवा नशीबातून कितीही साफ करायचं प्रयत्न केलं  तरी तो कध...

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